ऐसे तो ना देखो के हमको नशा हो जाए
खूबसूरत सी कोई हमसे खता हो जाए
ऐसे तो ना बैठो के गुमसुम समां हो जाये
खामुशी छाए हर सू दिल बदगुमां हो जाये
तग़ाफ़ुल उन्हें करना आसां है कितना ।
उन्हें क्या ख़बर दिल ये नादां है कितना ।।
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